
सारनाथ प्रवेश टिकट (धमेक स्तूप + संग्रहालय) वैकल्पिक गाइड के साथ
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प्रवेश टिकट (विदेशियों के लिए पहुँच)
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गाइड
- सारनाथ जाएँ, जो दुनिया के सबसे पवित्र बौद्ध स्थलों में से एक है
- धमेक स्तूप देखें, जहाँ बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था
- सारनाथ संग्रहालय का अन्वेषण करें, जो भारत के राष्ट्रीय प्रतीक का घर है
- एक गाइड के साथ बौद्ध इतिहास, प्रतीकवाद और वास्तुकला सीखें
- आध्यात्मिक यात्रियों, इतिहास प्रेमियों और संस्कृति के प्रति उत्साही लोगों के लिए आदर्श
- प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुला रहता है (संग्रहालय शुक्रवार को बंद रहता है)
सारनाथ, जो वाराणसी के ठीक बाहर स्थित है, दुनिया भर के बौद्धों के लिए चार सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। यह वह स्थान है जहाँ भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त करने के बाद अपना पहला उपदेश दिया था, जिसने धर्म की शुरुआत को चिह्नित किया।
यह गतिविधि आपको सारनाथ के दो सबसे महत्वपूर्ण स्थलों पर ले जाती है:
धमेख स्तूप: बुद्ध के पहले उपदेश की याद में 500 ईस्वी में निर्मित एक विशाल बेलनाकार संरचना। यह स्तूप एक पवित्र और शांत स्थान है, जो खूबसूरती से बनाए गए बगीचों और प्राचीन मठों के खंडहरों से घिरा हुआ है।
सारनाथ पुरातत्व संग्रहालय: इसमें अशोक का विश्व प्रसिद्ध सिंह स्तंभ (भारत का राष्ट्रीय प्रतीक) के साथ-साथ मौर्य और गुप्त काल की उत्कृष्ट मूर्तियां और अवशेष रखे गए हैं।
एक वैकल्पिक निजी गाइड के साथ, आप बुद्ध की शिक्षाओं और भारतीय बौद्ध कला और वास्तुकला की समृद्ध विरासत में गहराई से उतरेंगे।